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👭 ** मेरी प्यारी बहना । **👭

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मेरी प्यारी बहना, ओ मेरी प्यारी बहना ज़िंदगी के कुछ दिन मैं तेरे साथ बिताना चाहती हूं अपनी सब बातें तुझसे बतलाना चाहती हूं तेरी सब बातें तुझसे मैं भी सुनना चाहती हूं  ज़िंदगी के कुछ पल मैं तेरे साथ बिताना चाहती हूं। हम छोटे से बड़े हो गए, स्कूल खत्म करके कॉलेज पहुंच गए, पर हम कभी एक सप्ताह भी साथ न रहे, इन दूरियों को खत्म करके, कुछ दिन साथ रहना चाहती हूं, ज़िंदगी के कुछ दिन मैं तेरे साथ बिताना चाहती हूं । ओ मेरी प्यारी बहना, सच कहती हूं, तुझसे बहोत प्यार करती हूं मैं हर रोज तुझे याद करती हूं,  अपनी हर कविता, पहले तुझे सुनाना चाहती हूं, ज़िंदगी के कुछ दिन तेरे साथ बिताना चाहती हूं। जब भी मन उदास हो, तुझे गले लगाना चाहती हूं, अपनी परेशानी तुझे ही बताना चाहती हूं,  अपनी हर खुशी तुझेसे बांटना चाहती हूं, तेरी हर खुशी को जश्न की तरह मनाना चाहती हूं, ज़िंदगी के कुछ दिन तेरे साथ बिताना चाहती हूं। सुबह से लेकर शाम तक, तेरे साथ रहना चाहती हूं, तुझे और तेरी पसंद न पसंद मैं भी जानना चाहती हूं, तेरे साथ मैं ढेर सारी यादें बनाना चाहती हूं, रात को सोते समय तुझे गले लगाकर सोन...

जल और धरती

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बहुत बड़ी है पृथ्वी हमारी, अमिट है गहराई नील सागर की, दोनों की रक्षा करना है हमारी जिम्मेदारी, दोनों ही जीवन का आधार है होती। पेड़, पर्वत, पशु, पक्षी, होते हैं श्रृंगार धरती की, भिन्न प्रकार के जीव, वनस्पति,  बढ़ाते हैं शोभा समंदर की। अस्तित्व है कुछ जीवों का जमीं पर, तो कुछ का है पानी के अंदर, कुछ जीव रहते हैं सदा जमीन पर। मेंढक, मगरमच्छ, साप, घूमते हैं दोनों जगह पर। जमी पर मनुष्य का होता राज, समंदर में मछलियों का होता साम्राज्य, जमीन पर करोड़ों प्रजातियां हैं होती समंदर में खूबसूरत मछलियां है होती। किंतु समय कुछ ऐसा है आया, मनुष्य ने धरती को है सताया, अपने कुछ स्वार्थ के खातिर, जल को भी गंदा है किया। जल में भी गंदगी है फैलाया।      ****   गुड़िया यादव   ****       

हमारा आज का वातावरण।

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दिन पे दिन पंछी कम होते जा रहे हैं, शायद इसलिए क्योंकि, पेड़ कटे जा रहे हैं। आज ज्यादा से ज्यादा लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, शायद इसलिए, क्योंकि प्रदूषण से हवा दूषित हो रही है। गाय, भैंस, जैसे पशु, सड़कों पे घूम रहे हैं, रास्ते में पड़ा खाना खाते हैं, शायद इसीलिये क्योंकि, घास चरने को जगह नहीं बचे है। चीता, तेंदुआ, हाथी, हिरन जैसे जंगली जानवर, सड़कों पे घुमते है, शायद इसलिए क्योंकि जंगल कटते जा रहे हैं, आज कल के बच्चे ज्यादा से ज्यादा घर में रहते हैं, मोबाइल में गेम्स खेलते है, शायद इसलिए क्योंकि खेलने को मैदान नहीं है, मैदान में मॉल बन गए हैं। आज कल हर घर में फिल्टर मशीन लग गया है, शायद इसलिए क्योंकि, पानी पीने लायक नहीं रहा है। 12 बजे के बाद कोई घर से नहीं निकलना चाहता है, शायद इसलिए क्योंकि, गर्मी से इंसान पसीना पसीना हो जाता है। आज कल हर कोई वीडियो कॉल पे बात कर लेते है, शायद इसलिए क्योंकि लोग अपने में ही व्यस्त रहते हैं। आज नदियों में मछली जीवित नहीं रह पाती है, मर के ऊपर तैरती है, शायद इसलिए क्योंकि, कारखानों के जहरिले रसायन, नादियों में छोड़...

🥂🥂🥂 मैं शराब।🥂🥂🥂

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  मैं शराब हूं किसी की नफरत तो किसी का प्यार हूं, किसी के सुख का साथी हूं  तो किसी के दुख का साथी हूं। काम तो मैं एक ही करता हूं लोगो को अपने नशे में डुबोता हूं। लोग मुझे बहुत प्यार करते है, शायद इसलिए अलग अलग नाम दिए हैं मुझे खरीदने के लिए घंटो खड़े रहते है, मुझे पीने के लिए घर वालों से झगड़ते है मुझे पीकर खुशियां मनाते हैं और मुझे ही पीकर रोते भी है। दारू मदिरा विस्की वाईन आदि मेरे नाम है जिसे एक बार लत लग जाए, छोड़ता न मेरा साथ है, घर परिवार की न करता कोई परवाह है चाहे मुझे पीकर गिरता सड़क किनारे है फिर भी मुझे अपना साथी मानते हैं मुझे अपने दर्द की दवा और अमृत कहते हैं। बनता तो मैं फलों से हूं लेकिन उससे ज्यादा लोग मुझे मानते हैं, त्योहार हो या खुशियां, फलों से ज्यादा मुझे शामिल करते हैं होली के दिन रंगों से पहले, लोग मुझमें डूबना पसंद करते हैं  मेरा जाम पीकर मस्त मौला हो जाते हैं बाद में भले ही झगड़ा करके अपना सिर फोड़ते हैं। सरकार भी मुझसे बहुत प्यार करती है अपने फायदे के लिए मुझे मोहरा बनाती हैं  मुझपे ज्यादा टैक्स लगती है,  अपनी कमाही का जरिया...

*** बेटियों को जन्म लेने दो। ***

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एक सवाल है दुनिया से बेटे से है प्यार तो बेटी से क्यों दुर्व्यवहार ? एक ही कोख से जन्म लेते हैं। एक ही पिता की संतान होते हैं। एक ही माता के शरीर के अंश‌ होते हैं। सवाल है मेरा उन लोगों से करते है घृणा जो बेटियों से किसी की बेटी से ही तुमने जन्म पाया है। कहानी सुनाने वाली दादी नानी भी किसी की बेटी थीं। तुम्हारे पिता को जन्म भी किसी की बेटी से ही मिला है। कलाई में राखी भी बेटी से ही बंधती है। तुम्हारे जीवन की स्वपन सुंदरी भी किसी की बेटी होती है। बहू बनकर परिवार का वंश एक बेटी ही बढ़ाती है। बेटे के जन्म पर जिस बहू की वाहवाही करते हैं। बेटी के जन्म पे उसी की दुर्दशा कर देते हैं। जब घर में जन्म बेटे का होता है, तो मेरा खून है, पिता गर्व से कहता है। तो फिर जन्म बेटी का होने पर, मां को क्यूं दोष दिया जाता है? जवाब चाहिए मुझे मेरे सवालों का अनुसंधान हुआ विज्ञान में है, गर्भ में पल रहा शिशु का लिंग, लड़का होगा या होगी लड़की, निर्भर करता पुरुष पर है। तो जन्म होने पर बेटी का, दोष क्यों आता मां पर है। मां अपनी बेटी को देख नहीं पाती, बच्ची को गोद में लेकर दुलार नहीं सकती, बेटी को सीने...

।। हमारे देश के जवान ।।

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बिना किसी स्वार्थ के, दूर जाते परिवार से, ऐसे होते हैं हमारे देश के जवान। उनका एक ही सपना होता, देश के लिए मिटना होता अपना घर गांव छोड़ कर, अपनी यादों को समेट कर, निकल पड़ते देश प्रेम के हित् पर, माँ-बाप, भाई-बहन, पत्नि- बच्चों को छोड़ कर, उनकी मोह माया को त्याग कर, सिर पर कफन बाँध कर, निकल पड़ते की सीमा पर, ऐसे होते हैं हमारे देश के सैनिक, ना खाने को तरह तरह के व्यंजन मिलते, ना ही चैन से सोने को बिस्तर, फिर भी खुशी से रहते हैं, साथ में हँसते और हँसाते है अपने घर-परिवार को याद करते हैं। घर से चिट्ठी आती जब, खुशी से झूम जाते सब, अपनी अपनी चिट्ठी लेकर, पढ़ने बैठ जाते सब, उस चिट्ठी में ही, परिवार को महसुस करते सब, चिट्ठी पढ़ते-पढ़ते वो याद करते सब पिता का प्यार को ,मां का दुलार को, भाई की मस्ती को , और बहन की राखी को, बच्चों कि किलकारियों को। ऐसे होते हैं हमारे देश के बेटे। फिर,अपने -आप को और भी मजबूत करते, दुगने जोश से भर जाते, अपने देश कि रक्षा करते, एक माँ से दूर होकर दूसरी माँ कि रक्षा करते। नहीं उन्हें गम मरने का, गर्व है देश के लिए मर मिटने का, एक माँ का आँचल छोड़, गर्व कर...

🌷 यादें 🌷

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यादें, बड़ी अजीब बात है न इन यादों की अच्छा समय हो या बुरा हमेशा याद रहता है। स्कूल में की गई मस्ती हो या हो दोस्तों का झगड़ा,, Teacher's का गुस्सा हो या हो उनकी हंसाने वाली मजेदार बातें सब दिखता है हमें हमारी यादों में। सच्ची, बहुत याद कर रही हूं मैं अपने दोस्तों को, अपने Teacher's को उनके साथ बिताए उन मजेदार पलों को Class में हुई शरारतों को, Teacher की प्यार भारी बातों को। अब मुझे बहुत ही अकेलापन महसूस होने लगा है, क्योंकि मेरे दोस्त मुझसे दूर हो गए हैं, मेरे teacher's से कभी मुलाकात नहीं होती है, लेकिन उन्हें याद किए बिना दिन की शुरुआत नहीं होती है। बीते पलों को याद करके, हंस्ती हूं मैं घर में बैठ के, बहोत कुछ सीखा भी है मैंने होके दूर दोस्तों से अपने, पहले कहीं न जाना था अकेले अब सभी रास्ते तय करती हूं अकेले, करती सफर अकेले बसों और ट्रेनों में, देखती हूं अपने दोस्तों को बीते हुए पलों को, अपनी यादों में। सब कुछ एकदम साफ दिखता है, एक एक शब्द सुनाई देता है, इस अजीब सी दुनिया में, मतलब, हमारी यादों में। पता नहीं वो भी ‌मुझे कभी याद करते हैं या नहीं, उनकी यादों म...