हमारा आज का वातावरण।


दिन पे दिन पंछी कम होते जा रहे हैं,
शायद इसलिए क्योंकि, पेड़ कटे जा रहे हैं।

आज ज्यादा से ज्यादा लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है,
शायद इसलिए, क्योंकि प्रदूषण से हवा दूषित हो रही है।

गाय, भैंस, जैसे पशु, सड़कों पे घूम रहे हैं, रास्ते में पड़ा खाना खाते हैं,
शायद इसीलिये क्योंकि, घास चरने को जगह नहीं बचे है।

चीता, तेंदुआ, हाथी, हिरन जैसे जंगली जानवर, सड़कों पे घुमते है,
शायद इसलिए क्योंकि जंगल कटते जा रहे हैं,

आज कल के बच्चे ज्यादा से ज्यादा घर में रहते हैं, मोबाइल में गेम्स खेलते है,
शायद इसलिए क्योंकि खेलने को मैदान नहीं है, मैदान में मॉल बन गए हैं।

आज कल हर घर में फिल्टर मशीन लग गया है,
शायद इसलिए क्योंकि, पानी पीने लायक नहीं रहा है।

12 बजे के बाद कोई घर से नहीं निकलना चाहता है,
शायद इसलिए क्योंकि, गर्मी से इंसान पसीना पसीना हो जाता है।

आज कल हर कोई वीडियो कॉल पे बात कर लेते है,
शायद इसलिए क्योंकि लोग अपने में ही व्यस्त रहते हैं।

आज नदियों में मछली जीवित नहीं रह पाती है, मर के ऊपर तैरती है,
शायद इसलिए क्योंकि, कारखानों के जहरिले रसायन, नादियों में छोड़ी जाती है।

एक गुजारिश है लोगों से, प्रदूषण थोड़ा कम करें,
वातावरण को शुद्ध रखे, बीमारियों से दूर रहें।




           🙏 गुड़िया यादव 🙏

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